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10/5/19

4. परमेश्वर के नाम के महत्व को नहीं जानने और परमेश्वर के नये नाम को स्वीकार न करने की मानवीय समस्या की प्रकृति क्या है?

यीशु,परमेश्वर का नाम


4. परमेश्वर के नाम के महत्व को नहीं जानने और परमेश्वर के नये नाम को स्वीकार न करने की मानवीय समस्या की प्रकृति क्या है?
परमेश्वर के प्रासंगिक वचन:
समय की प्रत्येक अवधि में, परमेश्वर नया कार्य आरम्भ करेगा, और प्रत्येक अवधि में, मनुष्य के बीच में एक नई शुरुआत होगी। यदि मनुष्य केवल इन सच्चाईयों में ही बना रहता है कि "यहोवा ही परमेश्वर है" और "यीशु ही मसीहा है," जो ऐसी सच्चाईयां हैं जो केवल एक अकेले युग पर ही लागू होती हैं, तो मनुष्य कभी भी पवित्र आत्मा के कार्य के साथ कदम नहीं मिला पाएगा, और वह हमेशा पवित्र आत्मा के कार्य को हासिल करने में असमर्थ रहेगा। इसकी परवाह किए बगैर कि परमेश्वर कैसे कार्य करता है, मनुष्य जरा सा भी सन्देह किए बिना अनुसरण करता है, और वह करीब से अनुसरण करता है। इस रीति से, पवित्र आत्मा के द्वारा मनुष्य को कैसे निष्काषित किया जा सकता है? इसकी परवाह किए बगैर कि परमेश्वर क्या करता है, जब तक मनुष्य को निश्चय है कि यह पवित्र आत्मा का कार्य है, और वह बिना किसी आशंका के पवित्र आत्मा के कार्य में सहयोग करता है, और परमेश्वर की अपेक्षाओं को पूरा करने का प्रयास करता है, तो उसे कैसे दण्ड दिया जा सकता है? परमेश्वर का कार्य कभी नहीं रूका है, उसके पदचिन्ह कभी नहीं थमे हैं, और उसके प्रबंधन के कार्य की पूर्णता से पहले, वह सदैव से व्यस्त रहा है, और कभी नहीं रुका है। किन्तु मनुष्य अलग हैः पवित्र आत्मा के कार्य के आंशिक भाग को प्राप्त करने के बाद, वह ऐसा व्यवहार करता है मानो वह कार्य कभी नहीं बदलेगा; थोड़ा का ज्ञान प्राप्त करने के बाद, वह परमेश्वर के नए कार्य के पदचिन्हों का अनुसरण करने के लिए आगे नहीं बढ़ता है; परमेश्वर के कार्य के सिर्फ छोटे से भाग को देखने के बाद, वह तुरन्त ही परमेश्वर को लकड़ी की एक विशिष्ट आकृति के रूप में निर्धारित करता है, और यह मानता है कि परमेश्वर सदैव इस आकार में बना रहेगा जिसे वह अपने सामने देखता है, कि यह भूतकाल में ऐसा ही था और भविष्य में भी ऐसा ही बना रहेगा; सिर्फ एक सतही ज्ञान प्राप्त करने के बाद, मनुष्य इतना घमण्डी हो जाता है कि वह स्वयं को भूल जाता है और बेहूदा ढंग से परमेश्वर के स्वभाव एवं अस्तित्व के विषय में घोषणा करता है कि साधारण तौर पर उनका कोई अस्तित्व नहीं है; और पवित्र आत्मा के कार्य के एक चरण का दृढ़ता से अनुसरण करने का चुनाव करने के बाद, इससे कोई फर्क नहीं पड़ता है की वह किस किस्म का व्यक्ति है जो परमेश्वर के नए कार्य की घोषणा करता है, मनुष्य इसे स्वीकार नहीं करता है। ये ऐसे लोग हैं जो पवित्र आत्मा के नए कार्य को स्वीकार नहीं कर सकते हैं; वे अति रूढ़िवादी हैं, और वे नई चीज़ों को स्वीकार करने में असमर्थ हैं। इस प्रकार के लोग ऐसे हैं जो परमेश्वर में विश्वास तो करते हैं किन्तु परमेश्वर का तिरस्कार भी करते हैं। मनुष्य विश्वास करता है कि इस्राएली ग़लत थे क्योंकि उन्होंने "केवल यहोवा में विश्वास किया और यीशु में विश्वास नहीं किया," फिर भी अधिकांश लोग एक ऐसी भूमिका निभाते हैं जिसके अंतर्गत वे "केवल यहोवा में विश्वास करते हैं तथा यीशु को ठुकराते हैं" और "मसीहा के वापस लौटने की लालसा करते हैं, किन्तु उस मसीहा का विरोध करते हैं जिसे यीशु कहते हैं।" तो इसमें कोई आश्चर्य नहीं है कि लोग पवित्र आत्मा के कार्य के एक चरण को स्वीकार करने के पश्चात् अभी भी शैतान के प्रभुत्व के अधीन जीवन बिताते हैं, और उन्होंने अभी भी परमेश्वर की आशीषों को प्राप्त नहीं किया है। क्या यह मनुष्य के विद्रोहीपन का परिणाम नहीं है? … यद्यपि उनके पास परमेश्वर के द्वारा बोले गए वचनों के प्रति "अत्याधिक वफादारी" है, फिर भी उनके वचन एवं कार्य अत्यंत घिनौने लगते हैं क्योंकि वे पवित्र आत्मा के कार्य का विरोध करते हैं, और छल एवं दुष्टता करते हैं। ऐसे लोग जो बिल्कुल अंत तक अनुसरण नहीं करते हैं, जो पवित्र आत्मा के कार्य के साथ कदम नहीं मिलाते हैं, और जो केवल पुराने कार्य से चिपके रहते हैं और वे न केवल परमेश्वर के प्रति वफादारी हासिल करने में असफल नहीं हुए हैं, बल्कि इसके विपरीत, वे ऐसे लोग बन गए हैं जो परमेश्वर का विरोध करते हैं, वे ऐसे लोग बन गए हैं जिन्हें नए युग के द्वारा ठुकरा दिया गया है, और जिन्हें दण्ड दिया जाएगा। क्या उनसे भी अधिक बेचारा और कोई है?
"वचन देह में प्रकट होता है" से "परमेश्वर का कार्य एवं मनुष्य का रीति व्यवहार" से

14/11/18

सिर्फ सर्वशक्तिमान परमेश्वर को स्वीकार करना ही मेमने के पदचिन्‍हों के साथ तालमेल बैठाना है

सिर्फ सर्वशक्तिमान परमेश्वर को स्वीकार करना ही मेमने के पदचिन्‍हों के साथ तालमेल बैठाना है


धार्मिक दुनिया के पादरी और एल्डर्स अक्सर विश्वासियों को यह उपदेश देते हैं कि प्रभु यीशु को हर किसी के पापों के लिए सूली पर चढ़ा दिया गया था और मनुष्य को पापों से छुटकारा मिल चुका है। वे ये उपदेश देते हैं कि अगर कोई प्रभु यीशु से विचलित होकर सर्वशक्तिमान परमेश्वर में विश्वास करता है, तो ऐसा करना प्रभु यीशु को धोखा देने और धर्म-त्याग करने के समान है। क्या सच्चाई वाकई ऐसी ही है?

10/11/18

Hindi Christian Skit | पुलिस का षडयंत्र | The New Means of the CCP's Persecution of Christians

Hindi Christian Skit | पुलिस का षडयंत्र | The New Means of the CCP's Persecution of Christians


सीसीपी सरकार धार्मिक आस्थाओं को कुचलने के लिये कैमरे के ज़रिये निगरानी, ताक-झाँक, पीछा करना जैसे हथकण्डे अपनाती है ताकि ईसाइयों का सफाया किया जा सके। 'पुलिस का षडयंत्र' नामक लघु-नाटक दुष्ट सीसीपी अधिकारियों और सहायक अधिकारी की मिली-भगत को उजागर करता है।

4/11/18

New Hindi Gospel Skit | दस्तक दे रहे हैं परमेश्वर | Have You Welcomed the Lord? (Hindi Dubbed)

New Hindi Gospel Skit | दस्तक दे रहे हैं परमेश्वर | Have You Welcomed the Lord? (Hindi Dubbed)


The skit The Lord Is Knocking explains how, in the last days, the Lord knocks at the door of our hearts with His words, and that wise virgins can hear God's voice and feast with the Lamb.

Pastor Chang Shoudao has always awaited the Lord's return, but when Brother Zhen testifies to him that the Lord has already returned, he stubbornly sticks to his own notions and imaginings, believing that the Lord will return on a cloud, and keeping the door of his heart closed to the true way.

3/11/18

Hindi Christian Video (3) - प्रभु की वापसी का अध्‍ययन करने के लिए हमें परमेश्‍वर की वाणी सुननी चाहिए

Hindi Christian Video (3) - प्रभु की वापसी का अध्‍ययन करने के लिए हमें परमेश्‍वर की वाणी सुननी 

चाहिए


प्रभु के पुनरागमन से संबंधित बाइबल में उल्‍लेखित लगभग सभी भविष्‍यवाणियां पहले ही सच हो चुकी हैं। अधिकांश लोगों ने यह महसूस किया है कि प्रभु पहले ही वापिस आ चुके हैं, तो, हम किस तरह इसकी जांच करें ताकि इस विषय पर निश्चित हो सकें कि सर्वशक्तिमान परमेश्‍वर ही प्रभु यीशु का पुनरागमन है या नहीं? क्‍या हमें अपना निर्णय बाइबल की भविष्‍यवाणियों पर आधारित करना चाहिए या सीधे तौर पर सर्वशक्तिमान परमेश्‍वर के वचन और कार्य की जांच करनी चाहिए? किस प्रकार हमें इस अत्‍यधिक दुर्लभ अवसर का लाभ उठाना चाहिए और अपने प्रभु की वापसी का स्‍वागत करना चाहिए? सर्वशक्तिमान परमेश्‍वर कहते हैं, "तुम्हें जो करना चाहिए वह है बाइबल से बिना और सबूत की आवश्यकता के, किसी भी कार्य को स्वीकार करना, जब तक कि यह पवित्र आत्मा का है, क्योंकि तुम परमेश्वर का अनुसरण करने के लिए परमेश्वर पर विश्वास करते हो, न कि उसकी जाँच-पड़ताल करने के लिए। यह दिखाने के लिए कि मैं तुम्हारा परमेश्वर हूँ तुम्हें और सबूत नहीं खोजने चाहिए।

18/10/18

Hindi Christian Video clip (4) - क्‍या हमारे पापों की क्षमा सचमुच स्‍वर्ग के राज्‍य का टिकट है?

Hindi Christian Video clip (4) - क्‍या हमारे पापों की क्षमा सचमुच स्‍वर्ग के राज्‍य का टिकट है?


धर्म समाज के कई लोग सोचते हैं कि प्रभु में विश्‍वास करने मात्र से उन्‍होंने अपने पापों का स्‍वीकार और प्रायश्चित कर लिया है, इसलिए उन्हें छुटकारा मिल गया है, और वे अनु्ग्रह से बचाये जा चुके हैं। जब प्रभु आएंगे, तब वे उन्‍हें सीधे स्‍वर्ग के राज्‍य में आरोहित कर देंगे, और संभवत: उन्‍हें शुद्धिकरण और उद्धार के कार्य करने की आवश्‍यकता न रहेगी। क्‍या यह दृष्टिकोण परमेश्‍वर के कार्य की सत्‍यता से मेल खाता है। बाइबल में कहा गया है कि: "उस पवित्रता के खोजी हो जिसके बिना कोई प्रभु को कदापि न देखेगा" (इब्रानियों 12:14)। परमेश्वर कहते हैं: "तुम परमेश्वर के प्रति अपने विश्वास में एक चरण में चूक गए हो: तुम्हें महज छुड़ाया गया है, परन्तु परिवर्तित नहीं किया गया है।

17/10/18

Hindi Christian Movie Trailer | महाअज्ञान | Whom Should We Listen to in Welcoming the Lord's Return?

Hindi Christian Movie Trailer | महाअज्ञान | Whom Should We Listen to in Welcoming the 

Lord's Return?


झेंग मुएन अमेरिका में चीन की एक ईसाई कलीसिया में सहकर्मी हैं, उन्होंने कई वर्षों से प्रभु में विश्वास किया है, और वे प्रभु के लिए बड़ी लगन से काम करते हैं और स्वयं को खपाते हैं। एक दिन, उनकी आंटी उन्हें गवाही देती हैं कि प्रभु यीशु अंत के दिनों में सत्य व्यक्त करने और न्याय और मनुष्य को शुद्ध करने का कार्य करने के लिए लौट आये हैं। यह खबर उन्हें बहुत उत्साहित करती है। सर्वशक्तिमान परमेश्वर के वचन को पढ़ने और सर्वशक्तिमान परमेश्वर की कलीसिया की फ़िल्में और वीडियो देखने के बाद, झेंग मुएन का दिल सत्यापित करता है कि सर्वशक्तिमान परमेश्वर के वचन सत्य हैं, और सर्वशक्तिमान परमेश्वर अवश्य प्रभु यीशु की वापसी हो सकते हैं, इसलिए वे अपने भाई-बहनों के साथ मिलकर परमेश्वर के अंत के दिनों के कार्य की जांच-पड़ताल शुरू कर देते हैं। लेकिन जब उनकी कलीसिया के अगुआ पादरी मा को इस बात का पता चलता है, तो वे बार-बार रुकावट पैदा करने और झेंग मुएन को रोकने की कोशिश करते हैं। वे झेंग मुएन से सच्चे मार्ग की जांच-पड़ताल छुड़वाने की कोशिश में, उन्हें चीनी सरकार का एक प्रचार वीडियो दिखाते हैं जिसमें चमकती पूर्वी बिजली को बदनाम कर उसकी निंदा की जाती है, और यह वीडियो उन्हें पशोपेश में डाल देता है: वे जाहिर तौर पर देख पाते हैं कि सर्वशक्तिमान परमेश्वर के वचन सत्य और परमेश्वर की वाणी हैं, तो फिर धार्मिक दुनिया के पादरी और एल्डर्स सर्वशक्तिमान परमेश्वर की निंदा क्यों करते हैं? वे न केवल खुद उनकी खोज या जांच-पड़ताल करने से इनकार करते हैं, वे दूसरों को भी सच्चे मार्ग को स्वीकार करने से रोकने की कोशिश करते हैं। ऐसा क्यों है?....झेंग मुएन को धोखा खाने और गलत रास्ता पकड़ने का डर है, मगर साथ ही वे आरोहित होने का अपना मौक़ा खो देने से भी डरते हैं।

11/10/18

अंतिम दिनों के मसीह के कथन "परमेश्वर का कार्य, परमेश्वर का स्वभाव और स्वयं परमेश्वर III" (भाग दो)

अंतिम दिनों के मसीह के कथन "परमेश्वर का कार्य, परमेश्वर का स्वभाव और स्वयं परमेश्वर III" (भाग दो)

सर्वशक्तिमान परमेश्वर कहते हैं: "उसके कार्य में कोई निषेधात्मकता नहीं है, और किसी मनुष्य, चीज़ या पदार्थ के द्वारा उसे बाध्य नहीं किया जाएगा, और उसे किसी प्रचण्ड शक्ति के द्वारा छिन्न भिन्न नहीं किया जाएगा।

10/10/18

Hindi Christian Movie Trailer | पकड़ ली आखिरी गाड़ी | Entering the Ark of the Last Days


Hindi Christian Movie Trailer | पकड़ ली आखिरी गाड़ी | Entering the Ark of the Last Days

Chen Peng was a pastor at a house church. He had always served the Lord passionately, and often worked as a preacher, assisting his followers, and shouldered great burdens for the church. But in recent years, the church grew emptier and emptier. Believers were weak-spirited and inactive, missing meeting after meeting.

8/10/18

मसीह के कथन "परमेश्वर का कार्य, परमेश्वर का स्वभाव और स्वयं परमेश्वर III" (भाग दो के क्रम में)

मसीह के कथन "परमेश्वर का कार्य, परमेश्वर का स्वभाव और स्वयं परमेश्वर III" (भाग दो के क्रम में)


सर्वशक्तिमान परमेश्वर कहते हैं: "उसके कार्य में कोई निषेधात्मकता नहीं है, और किसी मनुष्य, चीज़ या पदार्थ के द्वारा उसे बाध्य नहीं किया जाएगा, और उसे किसी प्रचण्ड शक्ति के द्वारा छिन्न भिन्न नहीं किया जाएगा।

7/10/18

मसीह के कथन "परमेश्वर का कार्य, परमेश्वर का स्वभाव और स्वयं परमेश्वर II" (भाग छे: के क्रम में)

मसीह के कथन "परमेश्वर का कार्य, परमेश्वर का स्वभाव और स्वयं परमेश्वर II" (भाग छे: के क्रम में)

अंतिम दिनों के मसीह के कथन "परमेश्वर का कार्य, परमेश्वर का स्वभाव और स्वयं परमेश्वर II" (भाग छे: के क्रम में) इस वीडियो में परमेश्वर के वचन "वचन देह में प्रकट होता है" पुस्तक से हैं। इस वीडियो की सामग्री: अय्यूब की गवाही परमेश्वर के लिए सुकून लेकर आती है हालाँकि परमेश्वर ने अय्यूब पर अपने आपको प्रकट नहीं किया था, फिर भी अय्यूब ने परमेश्वर की संप्रभुता पर विश्वास किया परमेश्वर में अय्यूब का विश्वास नहीं हिला क्योंकि परमेश्वर उससे छिपा हुआ था

6/10/18

Hindi Christian Movie | "चीन में धार्मिक उत्पीड़न का इतिहास" चीनी ईसाइयों की क्रूर कहानी

Hindi Christian Movie | "चीन में धार्मिक उत्पीड़न का इतिहास" चीनी ईसाइयों की क्रूर कहानी


चीन में धार्मिक उत्‍पीड़न का इतिहास के इस वृतचित्र में मुख्‍य रूप से मुख्यभूमि चीन के ऐसे दो ईसाइयों की सच्‍ची कहानी के बारे में बताया गया है, जिन्हें उनकी आस्‍था के कारण सीसीपी सरकार द्वारा यातना देकर मौत के घाट उतार दिया गया था।

5/10/18

अंतिम दिनों के मसीह के कथन "स्वयं परमेश्वर, जो अद्वितीय है IV परमेश्वर की पवित्रता (I)" (भाग दो)

अंतिम दिनों के मसीह के कथन "स्वयं परमेश्वर, जो अद्वितीय है IV परमेश्वर की पवित्रता (I)" (भाग दो)


सर्वशक्तिमान परमेश्वर कहते हैं: "परमेश्वर किसी व्यक्ति के लिए कार्य करता है और उसकी देखभाल करता है, किसी व्यक्ति पर नज़र रखता है, और शैतान उसके हर एक कदम का करीब से पीछा करता है। परमेश्वर किसी पर भी अनुग्रह करता है, तो शैतान भी पीछे पीछे चलते हुए नज़र रखता है।

अंतिम दिनों के मसीह के कथन "स्वयं परमेश्वर, जो अद्वितीय है IV परमेश्वर की पवित्रता (I)" (भाग दो)

अंतिम दिनों के मसीह के कथन "स्वयं परमेश्वर, जो अद्वितीय है IV परमेश्वर की पवित्रता (I)" (भाग दो)


सर्वशक्तिमान परमेश्वर कहते हैं: "परमेश्वर किसी व्यक्ति के लिए कार्य करता है और उसकी देखभाल करता है, किसी व्यक्ति पर नज़र रखता है, और शैतान उसके हर एक कदम का करीब से पीछा करता है। परमेश्वर किसी पर भी अनुग्रह करता है, तो शैतान भी पीछे पीछे चलते हुए नज़र रखता है।

3/10/18

कलिसियाओं के लिए पवित्र आत्मा के वचन "तुम किस के प्रति वफादार हो?"

कलिसियाओं के लिए पवित्र आत्मा के वचन "तुम किस के प्रति वफादार हो?"


सर्वशक्तिमान परमेश्वर कहते हैं: "क्योंकि इन वर्षों में, मैंने तुम में से किसी से कभी भी कोई वफादारी प्राप्त नहीं की है। इन वर्षों में, तुमने मेरा अनुसरण किया है, फिर भी तुमने मेरे प्रतिवफादारी नहीं दिखाई है। इसके बजाए, तुम उन लोगों के चारों ओर घूमते रहे हो जिनसे तुम प्रेम करते हो और ऐसी चीज़ों के चारों ओर जो तुम्हें प्रसन्न करती हैं, इतना ज़्यादा कि उन्हें हृदय के करीब रख लिया और उन्हें कभी भी, किसी भी समय, कहीं भी छोड़ा नहीं।......

1/10/18

अंतिम दिनों के मसीह के कथन "स्वयं परमेश्वर, जो अद्वितीय है V परमेश्वर की पवित्रता (II)" (भाग एक)


अंतिम दिनों के मसीह के कथन "स्वयं परमेश्वर, जो अद्वितीय है V परमेश्वर की पवित्रता (II)" (भाग एक)


सर्वशक्तिमान परमेश्वर कहते हैं: "यह इसलिए है कि लोग गलत स्वभाव के मध्य जीते और एक बुरे और गंदे जगत में रहते हैं। वे जो कुछ देखते हैं, वे जो कुछ छूते हैं, वे जो कुछ अनुभव करते हैं, वह शैतान की बुराई और शैतान का भ्रष्टाचार है, साथ ही साथ कुचक्र,अंतर्कलह और युद्ध होते हैं, जो उन लोगों के बीच होते हैं जो शैतान के प्रभाव में होते हैं।

29/9/18

"वे कौन हैं जो वापस आए हैं" (5) - परमेश्वर के वचनों और सत्य के अनुरूप वचनों में अंतर

Hindi Christian Movie clip "वे कौन हैं जो वापस आए हैं" (5) - परमेश्वर के वचनों और सत्य के अनुरूप वचनों में अंतर
क्या आप परमेश्वर के वचनों में जो अपने आप में सत्य हैं, और आध्यात्मिक हस्तियों के वचनों में जो केवल सत्य के अनुरूप हैं, अंतर जानते हैं? इस लघु वीडियो में आपके लिए इस प्रश्न का उत्तर खोजा जाएगा।

28/9/18

"वे कौन हैं जो वापस आए हैं" (6) - केवल परमेश्वर के वचन ही इंसान को जीवन दे सकते हैं

Hindi Christian Movie clip "वे कौन हैं जो वापस आए हैं" (6) - केवल परमेश्वर के वचन ही इंसान को जीवन दे सकते हैं

बहुत से लोग सहस्राब्दी से अधिक समय से परमेश्वर में विश्वास करते रहे हैं, लेकिन केवल कुछ लोग ही समझ पाए हैं कि सत्य क्या है, और इस बात को तो और भी कम लोग समझ पाए हैं कि सत्य हमारा जीवन बनने में क्यों समर्थ है, और वास्तव में इसके क्या परिणाम हो सकते हैं।

27/9/18

"वे कौन हैं जो वापस आए हैं" (7) - मसीह के आसन के सामने न्याय का अनुभव करने के साक्ष्य


Hindi Christian Movie clip "वे कौन हैं जो वापस आए हैं" (7) - मसीह के आसन के सामने न्याय का अनुभव करने के साक्ष्य


यद्यपि हम एक बार परमेश्वर में विश्वास कर लें तो हम पाप-मुक्त कर दिए जाते हैं, लेकिन हम फिर भी पाप के बीच जीते हैं, प्रतिदिन पाप करते हैं फिर पापों को स्वीकार करते हैं और सभी उस समय के लिये तड़पते हैं जब हम अब और कोई पाप नहीं करेंगे या परमेश्वर की अवहेलना नहीं करेंगे। अंत के दिनों में, सर्वशक्तिमान परमेश्वर हमारे शैतानी स्वभाव और पापी प्रकृति का समाधान करने के लिए अपना न्याय का कार्य करता है।

26/9/18

पवित्र आत्मा के वचन "तुम्हें सत्य के लिए जीना चाहिए क्योंकि तुम्हें परमेश्वर में विश्वास है"


पवित्र आत्मा के वचन "तुम्हें सत्य के लिए जीना चाहिए क्योंकि तुम्हें परमेश्वर में विश्वास है"


सर्वशक्तिमान परमेश्वर कहते हैं: "परमेश्वर में विश्वास करना इतना आसान नहीं है जैसा कि मनुष्य कह सकता है। जैसे कि परमेश्वर इसे देखता है, यदि तुम्हारे पास सिर्फ़ ज्ञान है किन्तु जीवन के रूप में उसका वचन नहीं है; यदि तुम सिर्फ़ अपने स्वयं के ज्ञान तक ही सीमित हो परन्तु सत्य का अभ्यास नहीं कर सकते हो या परमेश्वर के वचन को जी नहीं सकते हो, तो तब भी यह प्रमाण है कि तुम्हारे पास परमेश्वर को प्रेम करने वाला हृदय नहीं है, और दर्शाता है कि तुम्हारा हृदय परमेश्वर से संबंधित नहीं है।

ईसाई गाने | अनुभव वीडियो "सारी दुनिया तेरी रोशनी की पनाह में आती"

  ईसाई गाने | अनुभव वीडियो "सारी दुनिया तेरी रोशनी की पनाह में आती" (सारी दुनिया की रोशनी) दर्द-ओ-ग़म से कराहती इ...