8/10/18

मसीह के कथन "परमेश्वर का कार्य, परमेश्वर का स्वभाव और स्वयं परमेश्वर III" (भाग दो के क्रम में)

मसीह के कथन "परमेश्वर का कार्य, परमेश्वर का स्वभाव और स्वयं परमेश्वर III" (भाग दो के क्रम में)


सर्वशक्तिमान परमेश्वर कहते हैं: "उसके कार्य में कोई निषेधात्मकता नहीं है, और किसी मनुष्य, चीज़ या पदार्थ के द्वारा उसे बाध्य नहीं किया जाएगा, और उसे किसी प्रचण्ड शक्ति के द्वारा छिन्न भिन्न नहीं किया जाएगा। अपने इस नए कार्य में, वह सर्वदा के लिए एक विजयी राजा है, और किसी भी प्रकार की प्रचण्ड ताकतों और झूठी शिक्षाओं और मानव की अशुद्धियों को उसके चरणों की चौकी के नीचे कुचल दिया गया है। इस से कोई फर्क नहीं पड़ता है कि वह अपने कार्य के किस नए स्तर पर काम कर रहा है, इसे मानव जाति के बीच में विकसित एवं विस्तारित करना होगा, उसे समूचे विश्व में तब तक बिना किसी बाधा के पूरा करना होगा जब तक उसका महान कार्य पूर्ण ना हो जाए। यह परमेश्वर की सर्वसामर्थता और बुद्धिमत्ती है, और उस का अधिकार और सामर्थ है।"


चमकती पूर्वी बिजली, सर्वशक्तिमान परमेश्वर की कलीसिया का सृजन सर्वशक्तिमान परमेश्वर के प्रकट होने और उनका काम, परमेश्वर यीशु के दूसरे आगमन, अंतिम दिनों के मसीह की वजह से किया गया था। यह उन सभी लोगों से बना है जो अंतिम दिनों में सर्वशक्तिमान परमेश्वर के कार्य को स्वीकार करते हैं और उसके वचनों के द्वारा जीते और बचाए जाते हैं। यह पूरी तरह से सर्वशक्तिमान परमेश्वर द्वारा व्यक्तिगत रूप से स्थापित किया गया था और चरवाहे के रूप में उन्हीं के द्वारा नेतृत्व किया जाता है। इसे निश्चित रूप से किसी मानव द्वारा नहीं बनाया गया था। मसीह ही सत्य, मार्ग और जीवन है। परमेश्वर की भेड़ परमेश्वर की आवाज़ सुनती है। जब तक आप सर्वशक्तिमान परमेश्वर के वचनों को पढ़ते हैं, आप देखेंगे कि परमेश्वर प्रकट हो गए हैं।

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