मसीही गीत | परमेश्वर खोज रहा है उन्हें जो हैं प्यासे उसके प्रकटन के लिए (Lyrics)
जहाँ परमेश्वर का प्रकटन है,
वहाँ सत्य की अभिव्यक्ति है, परमेश्वर की वाणी है।
वही सुन सकते हैं परमेश्वर की वाणी,
वही देख सकते हैं प्रकटन परमेश्वर का, सत्य को जो करते हैं स्वीकार।
नामुमकिन जैसे विचार कर दो दरकिनार।
नामुमकिन जैसे विचारों का मुमकिन होना सम्भव है।
स्वर्ग से ऊँची है परमेश्वर की बुद्धि की उड़ान।
उसके ख़्याल और काम बहुत परे हैं, इंसान के सारे ख़्यालों से।
कोई चीज़ होती है नामुमकिन जितनी,
होता उतना ही ज़्यादा सत्य वहाँ खोज के लिये।
होता जितना परे इंसान की संकल्पना से,
होता है उतना ही समावेश परमेश्वर के सत्य का उसमें।
प्रकट कहीं भी हो वो, परमेश्वर फिर भी परमेश्वर है।
कहाँ हुआ वो प्रकट, उसका सार नहीं बदलता इससे।