4/10/19

परमेश्वर के महान कार्य के पूरा होने की सराहना करो



  • मसीही भजन - परमेश्वर के महान कार्य के पूरा होने की सराहना करो
  • Ⅰ
  • वचन का प्रयोग करता है मसीह
  • इंसान के न्याय के लिये अंत के दिनों में,
  • हो चुका है राज्य के युग का आरंभ।
  • हो रही है हर चीज़ नई अब
  • परमेश्वर के वचनों से।
  • हर चीज़ सुंदर और नई बन गई है।
  • हर चीज़ फिर से जीवित हो गई है,
  • बदल गई, बहाल हो गई, नई हो गई है।
  • आनंदित होकर हम स्तुति करते हैं परमेश्वर की।
  • तरंगित हो रहे हैं स्वर्ग भी हमारे गीतों से।
  • ओह, उसकी स्तुति करो! गाओ! हुँकार भरो!
  • ओह, उसकी स्तुति करो! गाओ! हुँकार भरो!
  • परमेश्वर-जन उसकी स्तुति करते हैं पूरे दिल से।
  • ओह, उसकी स्तुति करो! गाओ! हुँकार भरो!
  • Ⅱ
  • शुरू हो चुका है न्याय परमेश्वर के घर से,
  • प्रकट कर रहा है ये उसकी धार्मिकता को।
  • परमेश्वर के सभी जन करते हैं उसको नमन,
  • कर रहे स्वीकार उसके न्याय और शुद्धिकरण को।
  • उसके वचनों के मार्गदर्शन में,
  • गुज़र सकते हैं हम परीक्षण और शुद्धिकरण से।
  • देते गवाही हम, हासिल करते हैं उसकी इनायत हम।
  • गौरव की बात है,
  • पा सकते हैं उसका आदेश हम
  • ताकि करें ऐलान और दें गवाही उसके कर्मों की हम।
  • ओह, उसकी स्तुति करो! गाओ! हुँकार भरो!
  • ओह, उसकी स्तुति करो! गाओ! हुँकार भरो!
  • परमेश्वर-जन उसकी स्तुति करते हैं पूरे दिल से।
  • ओह, उसकी स्तुति करो! गाओ! हुँकार भरो!
  • Ⅲ
  • कार्य परमेश्वर का बदलता है बहुत तेज़ी से,
  • मुश्किल है थाह पाना मगर आश्वस्त हैं हम।
  • बेजोड़ है सामर्थ्य उसके वचनों की,
  • किस्म के मुताबिक वर्गीकरण वो करते लोगों का।
  • मानते हैं आज्ञा सदा, और जीते हैं हर दिन
  • उसके वचनों की वास्तिवकता को,
  • प्रेम करते जो परमेश्वर को।
  • स्तुति करते हैं परमेश्वर की बुद्धि और सर्वशक्तिमत्ता की,
  • धार्मिक है अपने सारे तौर-तरीकों में वो।
  • बहुत ही प्यारा है स्वभाव उसका,
  • स्तुति करते जन पूरी निष्ठा से।
  • ओह, उसकी स्तुति करो! गाओ! हुँकार भरो!
  • ओह, उसकी स्तुति करो! गाओ! हुँकार भरो!
  • परमेश्वर-जन उसकी स्तुति करते हैं पूरे दिल से।
  • ओह, उसकी स्तुति करो! गाओ! हुँकार भरो!
  • Ⅳ
  • स्तुति करो परमेश्वर के कार्य के पूर्ण होने की,
  • विजेताओं का समूह बनाया है उसने।
  • स्वीकारते हैं जाँच को परमेश्वर के चुने हुए जन,
  • हर कोई निभाता है कर्तव्य अपना।
  • तबाह हो जाते हैं विरोध जो करते हैं परमेश्वर का,
  • पूर्ण किये जाते हैं उसे प्रेम करते हैं जो।
  • लबालब है पूरी दुनिया उसकी धार्मिकता से।
  • परिपूर्ण है राज्य उसका पवित्रता से।
  • स्तुति करो! आनंद करो! गाओ और हुँकार भरो!
  • ओह, उसकी स्तुति करो! गाओ! हुँकार भरो!
  • ओह, उसकी स्तुति करो! गाओ! हुँकार भरो!
  • परमेश्वर-जन उसकी स्तुति करते हैं पूरे दिल से।
  • ओह, उसकी स्तुति करो! गाओ! हुँकार भरो!

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