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15/12/19

Hindi Gospel Video | "चीनी सुसमाचार गायक-मण्डली 19वाँ प्रदर्शन" (Hindi)



Hindi Gospel Video | "चीनी सुसमाचार गायक-मण्डली 19वाँ प्रदर्शन" (Hindi)


तारों भरी, निस्तब्ध और शांत रात्रि के आकाश तले, ईसाईयों का एक समूह उत्सुकता से उद्धारकर्ता की वापसी की प्रतीक्षा करते हुए और सुखद संगीत की धुन में गाता और नाचता है। जब वे खुशी का समाचार सुनते हैं कि "परमेश्वर वापस आ गया है" और "परमेश्वर ने नए वचन कहे हैं", वे आश्चर्यचकित और उत्साहित हो जाते हैं। वे सोचते हैं: "परमेश्वर वापस आ गया है? वह पहले ही प्रकट हो चुका है?" जिज्ञासा और अनिश्चितता के साथ, एक के बाद एक, वे परमेश्वर के नए वचनों को खोजने की यात्रा में कदम रखते हैं। अपनी कर्मठ खोज में, कुछ लोग सवाल कर रहे हैं जबकि अन्य इसे सादगी से स्वीकार करते हैं। कुछ लोग टीका-टिप्पणी के बिना देखते हैं, जबकि अन्य लोग सुझाव देते हैं और बाइबल में उत्तर ढूँढ़ते हैं - वे देखते हैं लेकिन अंत में यह व्यर्थ है ...। जब वे निराश हो जाते हैं, ठीक तभी एक गवाह उनके लिए राज्य का युग बाइबल की एक प्रति लाता है, और वे पुस्तक में दिए गए वचनों से गहराई तक आकर्षित हो जाते हैं। यह किस प्रकार की पुस्तक है? क्या उन्होंने वास्तव में उन नए वचनों को पाया है जो परमेश्वर ने उस पुस्तक में कहे हैं? क्या उन्होंने परमेश्वर के प्रकटन का स्वागत किया है?

22/2/19

"स्वप्न से जागृति" क्लिप 4 - अंत के दिनों में मसीह को स्वीकारना और स्वर्ग के राज्य में आरोहित होना

"स्वप्न से जागृति" क्लिप 4 - अंत के दिनों में मसीह को स्वीकारना और स्वर्ग के राज्य में आरोहित होना


यदि हम केवल प्रभु यीशु में विश्वास करें, और प्रभु यीशु के मार्ग पर चलते रहें, लेकिन अंत के दिनों में सर्वशक्तिमान परमेश्वर के न्याय के कार्य को स्वीकार न करें तो हम कैसे शुद्धता प्राप्त कर स्वर्ग के राज्य में प्रवेश कर सकते हैं?

31/7/18

सर्वशक्तिमान परमेश्वर के कथन "व्यवस्था के युग में कार्य"


सर्वशक्तिमान परमेश्वर के कथन "व्यवस्था के युग में कार्य"


सर्वशक्तिमान परमेश्वर कहते हैं: "व्यवस्था के युग के दौरान, यहोवा ने मूसा के लिए अनेक आज्ञाएँ निर्धारित की कि वह उन्हें उन इस्राएलियों के लिए आगे बढ़ा दे जिन्होंने मिस्र से बाहर उसका अनुसरण किया था।…… यहोवा ने अपनी आज्ञाओं और व्यवस्थाओं को स्थापित किया था ताकि, जब वह उनके जीवन में उनकी अगुवाई करे, तब लोग उसके वचन को सुनें और उसके वचन का पालन करें और उसके विरूद्ध विद्रोह न करें।

13/7/18

मानव जाति के प्रबंधन का उद्देश्य


     मानव जाति के प्रबंधन का उद्देश्य
     आज के मार्ग पर चलना आसान नहीं है। कोई कह सकता है कि इसे पाना कठिन है और यह युग-युगों के दौरान बहुत ही दुर्लभ है। फिर भी, किसने सोचा होगा कि मनुष्य का देह अकेले ही उसे तुरंत नष्ट करने के लिए पर्याप्त है? आज का कार्य निश्चित रूप से वसंत की बारिश की तरह कीमती है और मनुष्य की ओर परमेश्वर की दया की तरह मूल्यवान है। फिर भी, अगर मनुष्य आज अपने काम के उद्देश्य को नहीं जानता है या मानव जाति के तत्व को नहीं समझता है, तो इसके कीमती और अमूल्य होने की बात भी कैसे की जा सकती है? देह मनुष्यों के अपने नहीं हैं, इसलिए कोई भी स्पष्ट रूप से यह नहीं देख सकता है कि इसका गंतव्य वास्तव में कहाँ होगा। फिर भी, तुझए यह जानना चाहिए कि सृष्टि का प्रभु मानव जाति को, जिसे बनाया गया था, उसकी मूल स्थिति में वापस लौटाएगा, और उसकी रचना के समय की उसकी मूल छवि को पुनर्स्थापित कर देगा। वह पूरी तरह से उस साँस को वापस ले लेगा जो साँस उसने मनुष्य में ली थी, और उसके हाड़-मांस को वापस ले सब कुछ सृष्टि के स्वामी को लौटा देगा। वह पूरी तरह से मानवता को परिवर्तित और नवीकृत करेगा, और मनुष्य से उस पूरी विरासत को वापस ले लेगा, जो मूल रूप से मानव जाति की थी ही नहीं, बल्कि परमेश्वर की थी। वह अब और इसे मानव जाति को नहीं सौंपेगा। क्योंकि उनमें से कुछ भी मूल रूप से मानव जाति का नहीं था। वह वो सब कुछ वापस ले लेगा—यह अन्यायपूर्ण लूट नहीं है, बल्कि स्वर्ग और पृथ्वी को उनकी मूल अवस्था में पुनर्स्थापित करने के लिए है, और मनुष्य को परिवर्तित और नवीकृत करने के लिए है।

ईसाई गाने | अनुभव वीडियो "सारी दुनिया तेरी रोशनी की पनाह में आती"

  ईसाई गाने | अनुभव वीडियो "सारी दुनिया तेरी रोशनी की पनाह में आती" (सारी दुनिया की रोशनी) दर्द-ओ-ग़म से कराहती इ...