लोग अपनी ताकतों और कमज़ोरियों को सही-सही देख पाने में हमेशा असमर्थ होते हैं, और इससे अचेतन तौर पर परमेश्वर के बारे में उनका ज्ञान प्रभावित होता है।
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9/9/17
2/9/17
अध्याय 6. लोगों के प्रदर्शन के अनुसार उनके परिणाम के निर्धारण का अर्थ
1. यदि परमेश्वर केवल लोगों के स्वभाव की अभिव्यक्ति की ओर देखे तो कोई भी बचाया नहीं जा सकता है।
वर्तमान में, लोगों का प्रदर्शन उनके परिणाम को निर्धारित करता है, लेकिन यह प्रदर्शन क्या है? क्या आप जानते हैं? आप लोग सोच रहे होंगे कि यह लोगों के कार्यों में उनके भ्रष्ट स्वभाव को व्यक्त करने के बारे में है, परन्तु वास्तव में इसका अर्थ यह नहीं है।
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